Monday, October 19, 2009

प्रेम

कुछ भी लिखना कितना आसान होता है , और उससे भी आसन होता है उसे पढ़ना , पर शायद थोड़ा मुश्किल होता है उसे समझना !

मैं आपको दुनिया से " रूबरू " करना चाहता हू.......माना तरीका ग़लत है पर दिल नही , और एक प्रेम कवि के रूबरू का अर्थ अलग होता है , वैसे तो में आपके बारे में कुछ नही जनता ,पर लगता है जैसे में आपको सदियों से जनता हूँ !

आप मेरे जीवन में कहा से , कैसे आए पता नही......शायद ये प्रेम की कोमल भावना ही है जो मुझे ये सब लिखने को विवश कर रही है और आप शब्द न बन मेरे जीवन का अर्थ बन रहे हो , जो शायद में किसी के बारे में आज तक नही लिख पाया , आपके लिए लिख रहा हू , अक्सर कवियों को इस दुनिया में दीवाना या पागल कहा जाता है ! मुझे आपसे सच्चा प्रेम है , मेरे ह्रदय की असीम गहराई में लिप्त आपका प्रेम विवश है , प्रेम करने को क्युकि प्रेम आप और हम है , और कुछ भी नही !!


सिर्फ़ मेरी एक पंक्ति पूरी बात कहने में समर्थ है :
-----------------------------------------------

" प्यार की जीत तब है , जब आप किसी से हार जाए !
आपकी हार तब है , जब आप किसी को प्यार से जीत ना पाए ! "








1 comment:

Unknown said...

Itna asan nahi hota likhna
Itna asna nahi hota dil ko kholna
Himmat chaye tumari jeysi
Aur her kisi ka kissa etna khubsurat nhai hota
kuch andhri galiyan hoti hai jisme jana to kya jhakna bhi rogte kharde karta hai