इस "कठोर" कवि की बस यही कहानी है !!
कभी बचपन मेरे पास था आज मेरी जवानी है !
मेरे होंठो पर भी एक अनसुनी सी कहानी है !
जिंदगी में निशान बने है पर अब सिर्फ़ उनकी निशानी है !
होंसला है संकल्प है खून में जलने की रवानी है !
कभी ये अंतर्दुंद जमीनी है तो कभी आसमानी है !
भूल न पाउँगा की जिंदगी की कलम में भी एक कहानी है !
शायद जिंदगी की कलम या कलम ही मेरी जिंदगी की आखरी निशानी है !
शब्दों में बयां करना मुश्किल है पर मेरी आँखों में भी पानी है !!...........
इस "कठोर" कवि की बस इतनी सी कहानी है .........!!!
कभी बचपन मेरे पास था आज मेरी जवानी है !
मेरे होंठो पर भी एक अनसुनी सी कहानी है !
जिंदगी में निशान बने है पर अब सिर्फ़ उनकी निशानी है !
होंसला है संकल्प है खून में जलने की रवानी है !
कभी ये अंतर्दुंद जमीनी है तो कभी आसमानी है !
भूल न पाउँगा की जिंदगी की कलम में भी एक कहानी है !
शायद जिंदगी की कलम या कलम ही मेरी जिंदगी की आखरी निशानी है !
शब्दों में बयां करना मुश्किल है पर मेरी आँखों में भी पानी है !!...........
इस "कठोर" कवि की बस इतनी सी कहानी है .........!!!
"कठोर"

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